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Sai Baba Aarti - साईँ बाबा आरती

Sai Baba aarti in Hindi - Saint SaiBaba aarti Song

SaiBaba was a saint during 19th to 20th century in India. Both Hindu and Muslim are worship and follow his teachings. Many of people called him incarnation of Lord Krishna, and many of others called him incarnation of Lord Dattatreya or Shiva. Shirdi is the holy pilgrimage of Sai Baba. Temple of Saibaba in Shirdi, is greatest temple of him. He said always "Sab ka Malik ek" mean the God is one for all. He advised to follow the teachings of Bhagvat Geeta to his Hindu devotees. Everyday, the four aarthis of Saibaba perform at Shirdi Temple, these are, Kakad aarati, Madhyana Aarati, Dhoop Aarati and Shej Aarati.

"Aarti Shri Sai Guruvar Ki, Parmanand Sada Survar Ki" is a famous aarti song of him. Another great aarthi of Sai is "Aarti Utare Hum Tumhari SaiBaba".

Sai Baba Aarati - Aarti Songs of Shirdi SaiBaba

Sai Baba Aarti (1)

आरती उतारे हम तुम्हारी साईँ बाबा, चरणों के तेरे हम पुजारी साईँ बाबा |
विद्या बल बुद्धि, बन्धु माता पिता हो, तन मन धन प्राण, तुम ही सखा हो ।
हे जगदाता अवतारे, साईँ बाबा, आरती उतारे हम तुम्हारी साईँ बाबा ।
ब्रह्म के सगुण अवतार तुम स्वामी, ज्ञानी दयावान प्रभु अंतरयामी ।
सुन लो विनती हमारी साईँ बाबा, आरती उतारे हम तुम्हारी साईँ बाबा ।
आदि हो अनंत त्रिगुणात्मक मूर्ति, सिंधु करुणा के हो उद्धारक मूर्ति |
शिरडी के संत चमत्कारी साईँ बाबा, आरती उतारे हम तुम्हारी साईँ बाबा ।
भक्तों की खातिर, जनम लिये तुम, प्रेम ज्ञान सत्य स्नेह, मरम दिये तुम |
दुखिया जनों के हितकारी साईँ बाबा, आरती उतारे हम तुम्हारी साईँ बाबा ।


SaiBaba Aarati (2)

आरती श्री साईं गुरुवर की, परमानन्द सदा सुरवर की |
जाकी कृपा विपुल सुखकारी, दुःख, शोक, संकट, भयहारी |
शिरडी में अवतार रचाया, चमत्कार से तत्व दिखाया ।
कितने भक्त चरण पर आये, वे सुख शांति चिरंतन पाये ।
भावः चारे मन में जैसा, पावत अनुभव वो ही वैसा |
गुरु की लगावे तन को, समाधान लाभत उस मनको |
साईं नाम सदा जो गावे, सो फल जग में शाश्वत पावे |
गुरुबारसर करी पूजा सेवा, उस पर कृपा करत गुरुदेवा |
राम, कृष्ण, हनुमान रूप में, दे दर्शन जानत जो मन में |
विविध धर्म के सेवक आते, दर्शन से इच्छित फल पाते |
जय बोलो साईबाबा की, जय बोलो अवधुत गुरु की |
साईंदास आरती को गावे, घर में बसी सुख, मंगल पावे |



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