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Durga Mantras - Shakti Mantra

Maa Durga

Every enthusiast of Mata Durga should keep some rules in mind before doing any mantra Sadhna of Mata Jagdamba.
Keep facing towards East direction. Recite mantras on Rudraksh mala which has 51 beads or 108 beads of Rudraksha. Keep your pronunciation correct during recitation.
Recitation in Shukla Paksha, considers auspicious. The best time for starting Durga Sadhna is in the Navratri. Establish an idol or picture of Devi and before starting the sadhna. Sit on a woolen cloth, perform Panchopchar worship and take a Sankalp, after the chanting, native should perform Aarti of Mata Durga. Native should perform Sadhna during nine days of Navratri or perform anytime during the year for the minimum of 45 days.

Durga mantra, Goddess Durga chant for pooja, Shakti incantation in Hindi and English


Mata Durga Mantras - Jagdamba Chants - Incantation of Devi - Shakti Mantra - Nrwan Mantra

Durga Vedic and Tantrik Mantras

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This is the famous ninth Akshar mantra of Mata Durga.
नर्वाण मन्त्र - ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडाये विच्चे
Nrwan mantra - Aim Hrim Klim Chamundaye Vichche

दुर्गा मन्त्र - ॐ दुं दुर्गाये नमः
Durga mantra - Om Dum Durgaye Namah

This mantra may remove problems from life.
दुर्गतिनाशक दुर्गा मन्त्र - ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं दुर्गतिनाशिन्ये महामाये स्वाहा
Durgtinashk Durga Mantra - Om Hrim Shrim Klim Durgtinasinye Mahamaye Swaahaa

कल्याणक दुर्गा मन्त्र - ॐ सर्व मङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वाथ साधिके, शरण्ये त्रयंबके गौरि नारायणि नमोस्तुते
Kalyank Durga mantra - Om Sarv Mangal Sadike Shive Sarvath Sadhike, Sranye Trymbke Gouri Narayni Namostute


This is stanza for saying sorry to Devi for all sins.
दुर्गा श्लोक
न तातो न माता, न बन्धुर्न दाता, न पुत्रो न पुत्री न भ्रत्यो न भर्ता न जाया न विद्या न वर्तिमम्मेव गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि, भवाब्धावपारे महादुःखभीरु, पपात प्रकामी प्रलोभी प्रमत्तः, कुसंसारपाशप्रबद्धः सदाहं, गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि, न जानामि दानं न च ध्यानयोगं, न जानामि तन्त्रं न च स्तोत्रमन्त्रम्, न जानामि पूजां न च न्यासयोगं गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि, न जानामि पुण्यं न जानामि तीर्थ, न जानामि मुक्तिं लयं वा कदाचित्, न जानामि भक्तिं व्रतं वापि मातर्गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि, कुकर्मी कुसङ्गी कुबुद्धिः कुदासः, कुलाचारहीनः कदाचारलीनः, कुदृष्टिः कुवाक्यप्रबन्धः सदाहं, गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि, प्रजेशं रमेशं महेशं सुरेशं, दिनेशं निशीथेश्वरं वा कदाचित्, न जानामि चान्यत् सदाहं शरण्ये, गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि, विवादे विषादे प्रमादे प्रवासे, जले चानले पर्वते शत्रुमध्ये, अरण्ये शरण्ये सदा मां प्रपाहि, गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि, अनाथो दरिद्रो जरारोगयुक्तो, महाक्षीणदीनः सदा जाड्यवक्त्रः, विपत्तौ प्रविष्टः प्रनष्टः सदाहं, गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि

महिषासुर मर्दिनी मन्त्र - ॐ ह्रीं महामहिषमर्दिनी स्वाहा
Mahishasur Mardini Mantra - Om Hrim Mahamashishmardini swaahaa

This mantra called protection mantra of Mata Durga.
दुर्गा रक्षा मन्त्रा - ॐ ह्रीं दुर्गे दुर्गे रक्षणी स्वाहा
Durga Protection Mantra - Om Hrim Durge Durge Rakshini swaahaa

This Shakti mantra should be recited on the daily basis, in which devotee bow to Shakti.
दुर्गा नमस्कार मन्त्र
या देवी सर्वभुतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः - I bow to devi which is present in all as wisdom.
या देवी सर्वभुतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः - I bow to devi which is present in all as power.
या देवी सर्वभुतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः - I bow to devi which is present in all as wealth.
या देवी सर्वभुतेषु दयारूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः - I bow to devi which is present in all as mercy.
या देवी सर्वभुतेषु मातृरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः - I bow to devi which is present in all as motherism.


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