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Vastu shastra in Hindi for Health, Marriage Love Life, Education

Top 20 vastu tips for disease, love problem, education and children

Best vastu shastra tips in Hindi for good healthy life style and happy married life with your family. Vastu remedy for diseases, health and education of children with description of benefits and losses. Read this top 20 vastu shastra tips in Hindi for good health, love life and education.


जानिये वास्तु शास्त्र की 20 अनोखी टिप्स के बारे में, वास्तु के कुछ नियमो का सही पालन करने से व्यक्ति के जीवन में खुशहाली और शांति रहती हैं, अगर घर के वास्तु में सही व्यवस्था नहीं की जाए तो सबसे ज्यादा नुकसान सेहत (health) और मन की शांति का होता हैं. यहाँ पर वास्तु के कुछ उपायों और नियमों का उल्लेख किया गया हैं, जिसका पालन करने से रोगों से दूर रहा जा सकता हैं. अक्सर देखा गया हैं कि वास्तु का सही नियोजन नहीं होने पर पति पत्नी के बीच में तनाव (Love problem) हो जाता हैं, झगड़े होते हैं, आप कुछ वास्तु उपाय का प्रयोग करके अपने वैवाहिक जीवन को सुखी बना सकते हैं. बच्चों की सेहत और शिक्षा एक माता पिता की पहली जिम्मेदारी होती हैं, अगर कुछ वास्तु सिद्धांतों का ख्याल रखने से ये संभव हो, तो हमारी राय में जरूर आजमाना चाइये.
Vastu Shastra Tips in Hindi for Health - Love - Marriage - Children

Top 20 Vastu shastra tips in Hindi for good health, love problem, education and marriage life

स्वास्थय और वैवाहिक प्रेम के वास्तु नियम और उपाय

Best Vastu Tips for health and happy life

Vastu shastra for good health, love in marriage life and education of children.
वस्तुत: वास्तु में पञ्च तत्वों (five elements) का समायोजन इस प्रकार किया जाता हैं, ताकि उसमें रहने वालों को सभी प्रकार का सुख मिल सके. जल तत्व का सही प्रकार से नियोजन धन एवं स्वास्थय के लिये, अग्नि तत्व का सही उपयोग स्वास्थय, मानसिक शांति हेतु, वायु तत्त्व का सही नियोजन सकारात्मकता हेतु, पृथ्वी तत्व का उचित उपयोग सुखी एवं संपन्न जीवन हेतु और आकाश तत्व का सही नियोजन सकारात्मकता, भाग्य हेतु किया जाता हैं. साथ में दी गई चित्र तालिका से आप एक सामान्य वास्तु के नियोजन के बारे में जान सकते हैं, की कोनसी दिशा और कोण में कौनसा तत्व और देवता का अधिकार हैं. ये नियोजन सामान्य वास्तु के नियमों का पालन करता हैं, पर उचित रहेगा की वास्तु स्वामी की जन्म कुंडली का भी अध्ययन किया जाये.

स्वास्थ्य और रोग मुक्ति हेतु वास्तु उपाय - Vastu remedy for diseases and health
1. पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम यानि नैश्रृत्य कोण में मुख्य द्वार की स्थापना अति रोग कारक और अशुभ मानी जाती हैं, क्योंकि यहाँ से आने वाला प्रकाश और वायु मलिन माना गया हैं, इससे बचें.

2. पूर्व दिशा में यदि दिवार बाकि दीवारों से ऊचीं होती हैं तो घर में रहने वालों का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता हैं और इसके विपरीत दक्षिण दिशा में ऊँची दिवार रोगों का नाश करती हैं और सुख कारी होती हैं, क्योंकि शुभकारी पूर्व दिशा की वायु, ऊचीं दिवार रोक देती हैं और दक्षिण दिशा की अशुभकारी वायु भी ऊँची दिवार रोक देती हैं.

3. नैश्रृत्य में जल संचय का स्तोत्र रखने से गम्भीर रोग होने का अंदेशा रहता हैं, वहीँ ईशान कोण में जल संचय करने से स्वास्थय लाभ बना रहता हैं. परन्तु यदि वास्तु स्वामी की जन्म कुंडली में चन्द्रमा नीच का या त्रिक भावों में पाप पीड़ित हो तो ईशान कोण में पानी टैंक अशुभ हो जाता हैं, ऐसी दशा में पहले ज्योतिषी से सलाह लेवें.

4. यदि घर का बरंडा या गैलरी पश्चिम की ओर स्लोब लिए या ढला होगा तो उस गृह के पुरुषों का स्वास्थय ठीक नहीं रहेगा और इसके विपरीत उत्तर की और रहने पर रोगों से बचाव होगा.

5. मनुष्य का मस्तक चुम्बकीय अवधारणा में उत्तरी ध्रुव माना जाता हैं, तो उत्तर दिशा में सिर रख कर सोने से धरती का उत्तरी ध्रुव और मनुष्य का सिर आपस में विकर्षित होते हैं जिससे अनिद्रा का रोग हो सकता हैं और शरीर धीरे धीरे कमजोर हो जाता हैं, दक्षिण में मस्तक रख कर सोने से चुंबकीय आकर्षण से शरीर निरोगी रहता हैं.

6. स्नानागार में एक डब्बे में जिसको ढक्कन न लगा हो, उसमे सफ़ेद नमक रखने से घर में बीमारियों का प्रकोप कम रहता हैं.

7. ईशान कोण या उत्तर दिशा में मुख्य द्वार की स्थति उन्नति कारक और आरोग्यकारक होती हैं, पूर्व का द्वार भी अति शुभ माना गया हैं, क्योंकि यहाँ से आने वाला प्रकाश और वायु स्वास्थय के लिए भी शुभ माना जाता हैं, बिना देहरी के मुख्य द्वार नकारात्मकता को रोक नहीं पाता, देहरी आम की लकड़ी की सर्वोत्तम कही गई हैं.

8. पूजा घर में खंडित मूर्ति या तस्वीर लगाने से स्वास्थय संबंधी परेशानियाँ हो सकती हैं, अगर घर में खंडित या टूटी हुई मूर्तियाँ या तस्वीरें हो तो उन्हें नदी में विसर्जित कर देवें, दक्षिण की दिवार पर पितृ की तस्वीर या पंचमुखी बालाजी की तस्वीर के अलावा अन्य देवी देवताओं की तस्वीर अशांति और दुर्भाग्य लाती हैं.

9. दक्षिण दिशा में या नैश्रृत्य कोण में मुख्य द्वार होने पर घर की स्त्रियों का सुख एवं स्वास्थय सही नहीं रहता हैं, अतः ईशान में द्वार की व्यवस्था करें.

10. ईशान कोण में तुलसी का पौधा रखने से घर की स्त्रियों का स्वास्थय कभी ठीक नहीं रहता, इसलिये तुलसी को पश्चिम दिशा में लगाये जो की स्त्री जाती के लिए आरोग्यदायक हैं.

11. पश्चिम दिशा में अंडर ग्राउंड या तहखाना बनाने से अनेक विपदाओं का सामना करना पड़ सकता हैं, उत्तर दिशा में तहखाना बनाने से स्त्रियाँ सुखी और संपन्न रहती हैं.

12. घर में छोटा सा कोना कच्चा, मिट्टी युक्त रखने से शुक्र ग्रह का अच्छा प्रभाव रहता है, जो स्त्रियों के स्वास्थय एवं लक्ष्मी प्राप्ति हेतु अच्छा प्रभाव करता है, ये पूर्व दिशा में श्रेयस्कर हैं.


सुखी वैवाहिक जीवन के लिए वास्तु टिप्स - Vastu tips for happy married life and love life
13. घर में नमक मिले पानी से पोंछा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा (Negative energy) समाप्त हो जाती हैं, और घर में होने वाले झगड़े कम होते हैं.

14. पलंग के जिस बिस्तर पर आप सोते हैं उसको एकल यानि सिंगल रखने से वैवाहिक जीवन (Marriage life) में प्रेम बना रहता हैं.

15. घर के सभी दरवाजे अंदर की तरफ खुलने वाले होने रखे, और दरवाजे अटकने नहीं चाइये नहीं तो घर में उपद्रव होता हैं.

16. अगर घर के शयन कक्ष में दर्पण होता हैं तो पति पत्नी के सम्बन्धों में मधुरता कम हो जाती हैं, अगर फिर भी दर्पण हो तो उसे परदे से ढंक कर रखे.

17. शयन कक्ष में पूजा घर दम्पति के मध्य तनाव उत्पन्न करता हैं, अत: मंदिर वहां नहीं लगाये, पक्षियों की प्रेमी जोड़े वाली तस्वीर प्रेम बढ़ाने में सहायक होती हैं.



बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा के वास्तु उपाय - Vastu remedy for education and health of children
18. माता पिता जब ईशान कोण के कमरे में सोते हैं तो बच्चों को स्वास्थय संबंधी परेशानियां हो सकती हैं, बच्चों को उत्तर दिशा के कमरे में, दक्षिण में सिर रख कर सुलाने से वे आरोग्य युक्त रहते हैं.

19. वायव्य कोण में कभी स्टडी रूम ना बनाये, वर्ना बच्चें पढाई में कमजोर हो सकते हैं इसके लिए पश्चिम दिशा प्रशस्त हैं.

20. बच्चों के अध्ययन वाली जगह पर दीवारों के रंग को एवं पर्दों को हरे रंग का रखे, इससे उनकी मानसिक उन्नति होती हैं.

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