AstrologyFutureEye.Com

Indian Astrology Portal

Vastu Shastra Tips in Hindi For Increase Money and Luck

Vaastu Tips For Obtaining Money, wealth and Lucky Life

You can read best tips for Vastu Shastra and money matters and luck factor. Hindi Vastu Shastra tips with pros and cons - Top 30 Vaastu tips and remedy for money, wealth and luck. You can know what a Vaastu tips, how and why it works, what will be pros and cons of a home according to Vastu Shastra. Read and share Vastu for increase money, luck, and happy lifespan.

यहाँ पर आप वास्तु की 30 विशिष्ट टिप्स के बारे में जान सकते हैं, यहाँ पर आप जानेंगे, क्यों एक वास्तु नियम सुखद या दुखद हो सकता हैं, कैसे एक घर के वास्तु को सुधारा जा सकता हैं. वास्तु नियम के क्या फायदे और क्या नुकसान हो सकते हैं, वास्तु कैसे और क्यों कार्य करता हैं, इस लेख को समझने के लिए साथ दिए गए वास्तु नक़्शे को समझे, की वास्तु के अनुसार गृह व्यवस्था कैसी होनी चाइये. वास्तु के कुछ सही नियमो और उपायों को लागू करने से आप का भाग्य उदय (good luck) हो सकता हैं, वास्तु में पञ्च तत्वों के सही नियोजन से धन, दौलत की कमी नहीं आती और व्यक्ति सुखी और संपन्न जीवन जी सकता हैं.
Vastu Shastra For Money and Good Luck - Vastu For Wealth Gain

Best 30 Vastu tips in Hindi for money, wealth and luck - Vastu shastra and money matters - Vastu for good luck factor

धन दौलत और भाग्योदय हेतु वास्तु शास्त्र नियम और उपाय

Vastu shastra for luck and money
Best Vastu Tips in Hindi for lucky life and money

Best vastu remedy and tips for increase money and good luck.
एक नियम जो जानना जरूरी हैं - एक वास्तु शास्त्री को एक ज्योतिषी होना आवश्यक हैं, क्यों, आइये कुछ उदाहरण का विश्लेषण करते हैं, ज्यादातर लोग मानते हैं की दक्षिण दिशा की ओर घर या व्यवसायिक स्थान का मुख्य द्धार नहीं होना चाइये, पर जब वो कई व्यक्तियों के स्थान को दक्षिण की तरफ देखते हैं, और पाते हैं की वो सुखी और संपन्न हैं तो वो वास्तु शास्त्र को गलत मान बैठते हैं, जब की कुछ राशियाँ दक्षिणाभिमुखी शुभ मानी जाती हैं जैसे वर्षभ, कन्या और मकर. वैसे ही वास्तु शास्त्र भूमिगत पानी टैंक के लिए ईशान कोण की प्रस्तावना करता हैं, परन्तु यदि वास्तु स्वामी की जन्म कुंडली में चन्द्रमा नीच का या त्रिक भावों में पाप पीड़ित हो तो उस स्थान पर पानी टैंक अशुभ हो जाता हैं, इसलिए वास्तु शास्त्री को ज्योतिष का ज्ञान आवश्यक हैं.

Vastu Tips For Love and Being Healthy

धन प्राप्ति के अचूक वास्तु उपाय - Vaastu tips for money and prosperity
1. घर में तुलसी का पौधा और दाड़िम का पेड़ होना ही चाइये, ये दोनों धन (money) को बहुत शुभकारी होते हैं, तुलसी माता जगदम्बा का रूप हैं, जब भी तुलसी सूख जाये, सावधान रहें, ये आपदा और धन के नाश का प्रतीक हैं.

2. अगर किसी भूखण्ड में ईशान कोण कट जाता हैं तो हरगिज़ न ख़रीदे, ऐसे घर में रहने वाले दरिद्रता भोगते हैं, उसी प्रकार अगर ईशान में स्थित शौचालय भी गरीबी और रोग को आमंत्रित करता हैं.

3. घर के उत्तर दिशा में रखा गया मछली कुंड, सुख और सम्पति को आमंत्रित करता हैं. ध्यान रहे, मछली कुंड का जल बदलते रहें, मृत जीवों को मछली कुंड में न रखे.

4. घर की मालकिन सुबह स्नान करके, मुख्य द्धार की देहरी पर एक लोटा जल नित्य डाले तो माँ लक्ष्मी का आगमन होता हैं. अपनी माता या पत्नी से वाद विवाद या झगड़ा करने से, विशेषकर शुक्रवार को या सोमवार को, धन सम्बन्धी रुकावटें आती हैं.

5. प्रत्येक अमावस्या को घर का सारा फालतू सामान बेच देवें या बाहर निकाल दें, इस से घर में सुख शांति रहती हैं और आर्थिक रूप से सक्षम बनते हैं, अमावस्या को कोई नई वस्तु या कपड़े खरीदने से बचना चाइये.

6. शाम के समय कोई मेहमान या सुहागिन स्त्री आती हैं तो उसका सम्मान कर के जल पान करावें, ये माँ लक्ष्मी के आने का संकेत हैं.

7. यदि गृह के आग्नेय कोण में पानी की मटकी या जल संचय की व्यवस्था गलती से हो गई हो तो, उस दोष को कम करने के लिए उस स्थान के ऊपर एक लाल बल्ब २४ घंटे जला रहने दें, इस दोष के कारण खर्चे बहुत बढ़ जाते हैं.

8. एक नियम का पालन करें, प्रतिदिन घर के मंदिर में दीपक जलाये, घर की प्रथम रोटी गाय को एवं अंतिम रोटी कुत्ते को देवें, इन बेजुबान जानवरों को रोटी देने पर भाग्य (luck) के दरवाजे खुल जाते हैं.

9. पीपल को विष्णु का अवतार कहा जाता हैं, प्रतिदिन पीपल को जल चढ़ाने से लक्ष्मी की प्रसन्नता प्राप्त होती हैं. अगर घर में पीपल हो तो कभी भी उसे नहीं कटवाये, इससे माता लक्ष्मी और विष्णु की अप्रसन्ता प्राप्त होती हैं.

10. कभी भी घर में दो बार झाड़ू पोंछा नहीं करें, एक बार के झाड़ू पोंछा से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती हैं तो दूसरी बार करने से सकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती हैं और देवी दवताओं का पलायन हो जाता हैं.


11. घर के अग्नि कोण या पूर्व दिशा में, या ईशान कोण, या उत्तर और वायव्य कोण के बीच में अलमारी या तिजोरी रखने से खर्चे बढ़ते हैं और धन कम होता जाता हैं, दक्षिण दिशा में उत्तरमुखी अलमारी, या नैश्रृत्य में उत्तरमुखी या पूर्वामुखी, या उत्तर दिशा में पूर्वाभिमुख तिजोरी रखने से धन सम्पदा (prosperity) उत्तरोत्तर बढ़ती रहती हैं.

12. घर में तांबे का कलश, हाथी की मूर्ति या चित्र, शहद, दर्पण, मोर के जोड़े की मूर्ति या चित्र, घी रखना चाइये, मार्केंडय पुराण के अनुसार ये वस्तुएं माँ लक्ष्मी को आमंत्रित करती हैं, इसके अलावा पूजा घर में स्वयं के कुलदेवता या कुलदेवी का स्थान जरूर होना चाईए.

13. ईशान कोण में स्थित कमरे का दरवाजा पूर्वाभिमुख या उत्तराभिमुख रखने से धन की कमी नहीं रहती हैं.

14. घर के मध्य कोण को खाली होना चाइये, ये ब्रह्मा का स्थान हैं, जब मध्य स्थान खाली होता हैं तो घर में सुख सम्पदा का वर्चस्व रहता हैं.

15. अगर जल निकासी की व्यवस्था ईशान कोण की तरफ हो तो धन के लिए बहुत लाभकारी रहती हैं. इसके विपरीत पश्चिम या नैश्रृत्य की और जल निकासी या नाला हो तो सुख और धन का नाश करता हैं.

16. जब पूर्व में स्नानागार हो और वायव्य में या दक्षिण दिशा में शौचालय हो तो धन प्राप्ति में बाधक नहीं बनता हैं. अन्य दिशाओं या कोण में प्रगति में बाधक बन जाता हैं.

17. ईशान यानि उत्तर-पूर्व में जल संचय की व्यवस्था जैसे बोरिंग, कुआं, टैंक धन को बढ़ाने (increasing money) में बहुत सहायक होती हैं. जल पंच तत्वों में एक महत्वपूर्ण तत्व हैं, जल तत्व का वास्तु में सही नियोजन धन सम्पदा बढाने वाला माना गया हैं.

18. अगर किसी मंदिर में नीचे आँगन में गिरा हुआ सिक्का या पुष्प मिल जाएँ तो लाल कपडे में बांध कर रखें, उसको अपने पूजा घर या धन स्थान में लाल कपडे में रखे, ये प्रभु का आशीर्वाद माना जाता हैं और धन सम्पदा में आकस्मिक लाभ होता हैं.

19. वास्तु वेध, मुख्य द्धार वेध से बचें, मुख्य द्धार या वास्तु के सामने खंभा, दिवार, पेड़ या सीढ़िया होने से वेध होता हैं, ये सकारात्मक ऊर्जा को रोकता हैं और धन और प्रगति में बाधक बनता हैं.

20. आग्नेय कोण में रसोई, ईशान में पूजा घर और नैश्रृत्य कोण में मास्टर बेड रूम बहुत ही शुभकारी होता हैं, सुख सम्पदा (wealth) और धन की उत्तरोत्तर प्रगति होती हैं.



सुख शांति और भाग्य प्राप्ति के वास्तु उपाय - Vastu tips for good luck and peaceful life
21. व्यक्ति की राशि के अनुसार मुख्य द्धार की स्थति वास्तु स्वामी की राशि के अनुसार रखनी चाइये क्योंकि प्रत्येक राशि की अपनी शुभकारी दिशा होती हैं, चूँकि मकान के स्वामी से घर की आयु ज्यादा होती हैं, इसलिए निवास स्थान का स्वामित्व बदल सकता हैं, अतः हमारी सलाह हैं की घर का मुख्य द्धार पूर्व मुखी या उत्तर मुखी ही रखा जाये, अन्यथा कम से कम उस दिशा की तरफ एक खिड़की रखने का सुझाव देते हैं.
पूर्वाभिमुख द्धार - मेष, सिंह, धनु
पश्चिमाभिमुख द्धार - मिथुन, तुला, कुंभ
उत्तराभिमुख द्धार - कर्क, वृश्चिक, मीन
दक्षिणाभिमुख द्धार - वर्षभ, कन्या, मकर

The Hindi Vastu Shastra Infographic
Download Vastu Shastra PDF in Hindi



Infographic

Vastu Tips Infographic

22. नैश्रृत्य कोण में अगर सीढ़ियां होती हैं जो ऊपर की तरफ जाती हो तो भाग्य उदय में सहायक होती हैं, तो ईशान में उपस्थित सीढ़ियां भाग्य हानि (bad luck) का कारण बनती हैं, घर के बीच में निर्माण या सीढियाँ, घर में रहने वाले लोगों की भौतिक और आध्यात्मिक प्रगति में बाधक बन जाती हैं.

23. अगर पश्चिम दिशा में पूर्व दिशा की अपेक्षा ज्यादा निर्माण कार्य या भारी निर्माण कार्य किया गया हो तो हर कार्य में रुकावट आती हैं, प्राय: सफलता नहीं मिलती. और, ईशान कोण को हल्का यानि कम निर्माण युक्त रखने से भाग्य उदय रहता हैं.

24. नैश्रृत्य कोण या दक्षिण दिशा में ज्यादा या भारी निर्माण कार्य करना चाइये, ये घर में सुख, शांति और आरोग्य लाता हैं.

25. ईशान कोण या पूर्व दिशा में उत्तरभिमुखी या पूर्वाभिमुखी भगवान का मंदिर, वास्तु और उसमे रहने वाले जातकों को ईश्वर के आशीर्वाद से अनुग्रहित करता हैं, और सुख और शांति लाता हैं.

26. मुख्य दरवाजे के ऊपर, अंदर और बाहर गणेशजी की तस्वीर लगाने से नकारात्मक ऊर्जा से बचाव होता हैं और ऋद्धि सिद्धि से वास्तु लाभान्वित रहता हैं.

27. अग्नि कोण में पानी संचय की जगह या पूजा घर की जगह बनाने पर धन, सुख, शांति और भाग्य का नाश होता हैं, आग्नेय कोण में सिर्फ रसोई की व्यवस्था होनी चाइये. अगर गलती से आग्नेय कोण में जल संचय की व्यवस्था बन गई हैं तो, नैश्रृत्य कोण में सबसे ऊँचा निर्माण कराने से ये दोष कम हो जाता हैं.

28. सीढ़ियां जब विषम संख्या में होती हैं और बाएं से दाएं की और मुड़ती हुई जाती हैं, तो भाग्य उन्नति होती जाती हैं.

29. घर के दरवाजे और खिड़कियाँ सम रखने से भाग्य उदय में सहायक होती हैं पर दस की सम संख्या में अशुभ कहलाती हैं और विषम संख्या में भी शुभ कारी नहीं होती.

30. घर में जब मुख्य द्धार के सामने या एक सीध में दूसरा दरवाजा होता हैं, तो घर में नकारात्मकता का बाहुल्य हो जाता हैं, घर की नकारात्मकता दूर करने हेतु माँ दुर्गा की सिंह सवारी वाली तस्वीर मुख्य दरवाजे के बाहर की तरफ लगाये.
Copyright © Information


Share on